24 से 25 अगस्त 2026 के दौरान नई दिल्ली में 9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (NSS) सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस सम्मेलन में देश भर के शीर्ष राज्य पुलिस महानिदेशकों (DGPs), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के प्रमुखों और राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
[राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026] │ ┌────────────────┼────────────────┐ ▼ ▼ ▼[साइबर सुरक्षा/AI] [वामपंथी उग्रवाद] [सीमावर्ती सुरक्षा] (डार्क वेब, क्रिप्टो) (2026 का अंतिम चरण) (ड्रोन रोधी तकनीक)
उग्रवाद का समापन (LWE Elimination): सम्मेलन के मुख्य सत्र में भारत में वामपंथी उग्रवाद (LWE/Naxalism) को समाप्त करने के अंतिम चरण की समीक्षा की गई। सुरक्षा बलों के रणनीतिक समन्वय से नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या घटकर न्यूनतम स्तर पर आ गई है।
टेक्नोलॉजी आधारित खतरे: आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके फैलाए जा रहे डीपफेक, डार्क वेब पर वित्तीय अपराधों, क्रिप्टो-टेरर फाइनेंसिंग और ड्रोन तकनीक से होने वाले सीमा पार अपराधों पर चिंता व्यक्त की गई।
रणनीतिक परिवर्तन: सम्मेलन में एक केंद्रीय डेटाबेस तैयार करने पर सहमति बनी, जिससे राज्य पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां (जैसे NIA, IB) वास्तविक समय (Real-Time) में एक-दूसरे के साथ खुफिया जानकारी साझा कर सकेंगी।
भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास 'मैत्री' (Maitri) का 15वां संस्करण 24 अगस्त 2026 को थाईलैंड में संपन्न हुआ।
रणनीतिक उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आतंकवाद-रोधी अभियानों (Counter-Terrorism) में तालमेल बैठाना और शहरी तथा पहाड़ी क्षेत्रों में युद्ध कौशल को बढ़ाना था।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policy): यह अभ्यास भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (Neighborhood First) और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN क्षेत्र) में भारत की रक्षा उपस्थिति और समुद्री/क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करता है।
25 अगस्त 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station - BAS) और गगनयान मिशन के आगामी चरणों से संबंधित तकनीकी अपडेट साझा किए।
[ISRO का रोडमैप] │ ┌────────────────┴────────────────┐ ▼ ▼ [2028: BAS-1] [2035: पूर्ण BAS] (पहला मॉड्यूल/LVM3) (5-मॉड्यूल स्पेस स्टेशन)
पहला मॉड्यूल (BAS-1): इसरो के संशोधित रोडमैप के तहत, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला मॉड्यूल BAS-1 वर्ष 2028 तक लॉन्च किया जाएगा। इसे LVM3 (Launch Vehicle Mark-3) रॉकेट द्वारा स्थापित किया जाएगा।
पूर्ण स्टेशन का लक्ष्य (2035): 5-मॉड्यूल वाला पूर्ण अंतरिक्ष स्टेशन 2035 तक पूरी तरह कार्यात्मक होगा।
आर्थिक व वैज्ञानिक प्रभाव: यह स्टेशन भारत को सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) में दवाओं के परीक्षण, सामग्री विज्ञान (Material Science) के शोध, और भविष्य के 2040 के भारत-चंद्रमा मानव मिशन के लिए एक स्थायी आधार प्रदान करेगा।
भारतीय नौसेना ने अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह (24-26 अगस्त) के दौरान अपने दूसरे स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) 'INS निपुण' की कमीशनिंग की प्रक्रियात्मक तैयारियों की घोषणा की।
स्वदेशी निर्माण: इसे विशाखापट्टनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है।
सामरिक क्षमता: INS निपुण और इसकी बहन-पोत INS निस्तार (Nistar) गहरे समुद्र में गोताखोरी (Deep-Sea Diving) और पानी के भीतर फंसे हुए पनडुब्बियों के बचाव कार्य (Submarine Rescue Operations) के लिए तैयार किए गए हैं।
हिन्द महासागर में बढ़त: यह पोत भारत को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में एक प्राथमिक सुरक्षा प्रदाता (Net Security Provider) के रूप में स्थापित करता है।
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने 26 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर अपने इतिहास का पहला 'महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स' सफलतापूर्वक शुरू किया।
कठिन प्रशिक्षण: इस कोर्स में चयनित महिला सैनिकों को 'ब्लैक कैट्स' (Black Cats) के समकक्ष कठोर शारीरिक, मानसिक, और सामरिक (Tactical) प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है।
अभियान क्षमता: इसमें हाईजैक-रोधी अभियान (Anti-Hijacking), आतंकवाद-रोधी (Counter-Terrorist) त्वरित कार्रवाई, और अति-विशिष्ट व्यक्तियों (VVIPs) की सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियाँ शामिल हैं।
लैंगिक समावेशन (Gender Integration): यह कदम भारत के विशिष्ट रक्षा और सुरक्षा बलों में महिलाओं की प्रत्यक्ष युद्धकारी भूमिका (Direct Combat Role) को आगे बढ़ाता है।
वित्त मंत्रालय और आरबीआई (RBI) ने 25 अगस्त 2026 को यूनिफाइड लैंडिंग इंटरफेस (ULI) प्लेटफॉर्म के देशव्यापी विस्तार की समीक्षा की।
[ULI प्लेटफ़ॉर्म] │ ┌───────────────────────┼───────────────────────┐ ▼ ▼ ▼[डिजिटल भूमि रिकॉर्ड] [PAN / GST डेटा] [आधार / बैंक विवरण] └───────────────────────┬───────────────────────┘ ▼ [Frictionless Credit Delivery] (ग्रामीण एवं MSME उधारकर्ता)
क्रेडिट डिलीवरी में क्रांति: जिस प्रकार UPI ने डिजिटल भुगतान को सरल बनाया, ULI भारत में ऋण (Credit/Loan) प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस और घर्षण रहित (Frictionless) बनाने वाला डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है।
लक्ष्य वर्ग: इसका प्राथमिक उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और ग्रामीण किसानों को बिना किसी लंबी कागजी प्रक्रिया के केवल कुछ मिनटों में मूल्यांकन करके ऋण स्वीकृत करना है।
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