26 अगस्त 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल अपनी स्थापना के 5 वर्ष (2021-2026) पूरे कर चुका है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित यह पोर्टल भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पहला आधार-सीडेड (Aadhaar-seeded) राष्ट्रीय डेटाबेस (NDUW) है।
[e-Shram इकोसिस्टम] │ ┌───────────────────┼───────────────────┐ ▼ ▼ ▼ [31.89+ करोड़] [12-अंकीय UAN] [पोर्टेबिलिटी] (पंजीकृत श्रमिक) (यूनिवर्सल पहचान) (राज्य सीमा-मुक्त)
पारदर्शिता और डेटाबेस (Informal to Formal Visibility): असंगठित क्षेत्र के श्रमिक (जैसे निर्माण मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स, और घरेलू कामगार) लंबे समय तक नीतिगत नजरों से दूर थे। ई-श्रम पोर्टल पर 31.89 करोड़ से अधिक श्रमिकों के पंजीकरण ने नीति-निर्माण (Policy-making) के लिए सटीक डेटा उपलब्ध कराया है।
सामाजिक सुरक्षा कोड, 2020 (Code on Social Security, 2020) के साथ एकीकरण: ई-श्रम पोर्टल अब केवल एक पहचान पत्र नहीं रह गया है। इसे 'माईस्कीम' (myScheme), 'नेशनल करियर सर्विस' (NCS), और 'स्किल इंडिया डिजिटल हब' के साथ एकीकृत करके एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म बना दिया गया है।
लैंगिक समावेशन (Gender Parity): कुल पंजीकृत श्रमिकों में 54% से अधिक भागीदारी महिलाओं की है, जो ग्रामीण और शहरी असंगठित अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती सामाजिक सुरक्षा निर्भरता को दर्शाता है।
26–27 अगस्त 2026 को भारत और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी) के बीच उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित हुई। इसमें सीमा के मुद्दों पर प्रगति करने और व्यापार/तीर्थयात्रा कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमति बनी।
रणनीतिक बदलाव: 2020 के लद्दाख गतिरोध के बाद दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन को "सुरक्षा-केंद्रित (Security-centric)" मोड से हटाकर "संवाद और परामर्श (Dialogue & Consultation)" मोड में स्थानांतरित करने का प्रयास है।
आर्थिक व जन-संबंधी प्रभाव: कैलाश-मानसरोवर यात्रा के जत्थों को बढ़ाने और नामित सीमा व्यापार केंद्रों (Designated Border Trade Points) को फिर से शुरू करने पर सहमति बनी है। यह दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक स्थिरता और हिमालयी सीमा सुरक्षा के संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में 'मिशन समृद्ध गांव' शुरू करने की घोषणा की।
उद्देश्य: इस मिशन का लक्ष्य ग्रामीण भारत से भुखमरी और गरीबी का उन्मूलन करना और गांवों में ही आजीविका के साधन विकसित करके संकटग्रस्त प्रवास (Distress Migration) को रोकना है।
विकसित भारत @2047 से जुड़ाव: यह योजना गांवों को न केवल बुनियादी बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, नल जल) से लैस करती है, बल्कि वहां कृषि-प्रसंस्करण (Agri-processing) और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर "रोजगार-समृद्ध गांव" बनाने पर केंद्रित है।
27 अगस्त 2026 को वित्त मंत्रालय के अधीन लोक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने 5 बंडलों के तहत देश के 11 हवाई अड्डों के निजीकरण (Privatization) को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसमें अमृतसर, वाराणसी, भुवनेश्वर, रायपुर जैसे प्रमुख टर्मिनल शामिल हैं।
एसेट मोनेटाइजेशन (Asset Monetisation): सरकार की नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) के तहत गैर-रणनीतिक या मध्यम दर्जे के हवाई अड्डों में निजी निवेश (O&M - ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) लाकर परिचालन दक्षता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का लक्ष्य है।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (UDAN Integration): बड़े लाभदायक हवाई अड्डों को छोटे/घाटे वाले हवाई अड्डों के साथ 'बंडल' (Bundle) बनाकर पेश किया गया है, ताकि निजी ऑपरेटर दोनों का संतुलित विकास कर सकें।
27 अगस्त 2026 को चेन्नई तट पर भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और वियतनाम तटरक्षक बल (VCG) के बीच संयुक्त समुद्री अभ्यास 'सहयोग HOP TAC' का द्वितीय संस्करण आयोजित किया गया।
इंडो-पैसिफिक में नियम-आधारित व्यवस्था: दक्षिण चीन सागर में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत और वियतनाम के बीच यह समुद्री अभ्यास नौसैनिक अंतःक्रियाशीलता (Interoperability), खोज एवं बचाव (SAR), और समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करता है।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी का विस्तार: वियतनाम भारत की सागर (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) दृष्टि का एक प्रमुख साझेदार है।
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